दोस्त का भूत

hindi horror stories

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मेरा नाम श्रुति है और ये जो कहानी मैं आपकों बताने जा रही हूं ये सब मेंरे मामा जयप्रताप सिंह तौमर के साथ हुआ था। ये सब उस टाईम की बात है जब मेरे मामा इंदौर में नौकरी किया करते थें। गर्वमेंट जॉब लगने से पहले वो एक कंपनी में प्राईवेट जॉब करते थे। उनका एक फ्रैंड़ था जो उन्‍हीं के साथ वहां काम करता था। दोनों बहुत अच्‍छे दोस्‍त थें। तब उनकी जॉब को दो साल ही हुए थे। और वो दोनों बहुत अच्‍छे दोस्‍त बन चुके थें। मामा बताते हैं कि वो दोनों दोस्‍त कम और भाई ज्‍यादा थे। मामा ने बताया की हर रोज की तरह वो ऑफिस गए और ऑफिस पहुंचे तो उनका दोस्‍त जिसका नाम निखिल था, उसने उससे बोला की यार तू कभी मेरे साथ मेरे घर नहीं चलता लेकिन, इस बार तो तुझकों चलना ही पड़ेगा क्‍योंकि मेरी शादी है। उन दिनों नाना जी की तबीयत ठीक नहीं रहा करती थी और मेरे मामा एक ही बेटे है मेरे नाना के, इसलिए वो उनको छोड़कर नहीं जा सकते थें। इसलिए उनकों नाना के साथ ही रूकना पड़ा। पर मेरे मामा ने निखिल से बोला की भाई मैं तेरे साथ अभी तो नहीं चल सकता। पर बाद में जरूर आऊंगा।hindi horror stories, horror stories in hindi, ghost stories in hindi, ghost stories in india in hindi, daravani kahaniya, hindi daravni kahaniya, indian ghost stories वो थोड़ा नाराज तो हुआ लेकिन, उनके बोलने के बहुत बोलने के बाद मान गया। फिर क्‍या था देखते-ही-देखते एक साल बीत गया। पर मामा उनके घर किसी-ना-किसी वजह से नहीं जा पाएं। इसी बीच मामा के दोस्‍त ने भी ऑफिस छोड़ दिया था क्‍योंकि बातते है कि उनका एक लड़का हो गया था। मामा ने निखिल के जाने के बाद बहुत कोशिश की उससे बात करने की पर उसका नंबर हमेशा बंद मिलता था। इंदोर में मामा का दोस्‍त जहां रहता था, मामा उस जगह भी गए तो उनके एक रूममेट से उनके घर का एड्रैस मिल गया और मामा ने उनके घर जाने का फैसला किया। मामा निकल पड़े मध्‍यप्रदेश के एक गांव की तरफ, जिसका नाम बिट्ठर वाड़ था। मामा को उस जगह पहुंचते-पहुंचते रात हो गई और जिस जगह बस ने उनको उतारा था, वो र्इलाका भी बिल्‍कुल सुनसान था। आस-पास मामा के अलावा कोई नहीं था। थोड़ा चलने पर मामा को एक आदमी मिला। उसको देखकर उनकी जान मे जान आई। मामा उस आदमी की तरफ जा तो रहे थे पर पास जाते-जाते उनको पता नहीं बहुत डर-सा लग रहा था।
पास जाने पर उन्‍होंने देखा की ये तो उनका दोस्‍त निखिल है। मामा बहुत परेशान हो गए और उन्‍होंने उससे पूछा अरे निखिल! तो यहां कैसें? तो उन्‍होनें बताया की तेरे आने की खबर मुझे रवी ने दें दी थी। रवी उसका रूममेट था जिससे मामा ने उसका एड्रैस लिया था। फिर उसने बोला चलो घर चलते हैं। मामा को कुछ ठीक नहीं लग रहा था। मामा ने पूछा की तुझे कैसे पता की मैं रात की बस से आ रहा हूं। निखिल ने बात काटते हुए बोला ये सब छोड़ तू बता अपने बारे में क्‍या हाल है? और बातों-बातों में मामा पूछना भूल गए की निखिल वहां कैसे आ गया था।hindi horror stories, horror stories in hindi, ghost stories in hindi, ghost stories in india in hindi, daravani kahaniya, hindi daravni kahaniya, indian ghost stories
कुछ दूर जाने पर मामा ने बोला की यार मुझे तो बहुत भूख लगी है। अभी तेरा घर और कितनी दूर है कोई छोटा रास्‍ता नहीं है क्‍या? तो निखिल ने कहा छोटा रास्‍ता है तो सही लेकिन, वो कच्‍चा रास्‍ता है जो खेतो के बीच से जाता है और वो बहुत खतरनाक है। मामा बोले की यार तू कैसी बातें करता है ड़रावना कुछ नहीं होता और मामा जिद्द पर अड़ गए उसी रास्‍ते से जाने के लिए और आखिर में वो दोनों उसी कच्‍चे रास्‍ते से जाने लगें। लेकिन, वहां से जाते हुए मामा को बहुत ड़र-सा लग रहा था। क्‍योंकि वो अपने दोस्‍त को बार-बार देख तो रहे थे पर उनकों उसका चेहरा साफ-साफ दिखाई नहीं दे रहा था। मतलब उनको उसका चेहरा दिख तो रहा था लेकिन, उनके दिमाग में उसके चेहरे की तस्‍वीर नहीं बन पा रही थी। अब वो दोनों चल ही रहे थे की मामा को लगा की उनके साथ कोई ओर भी चल रहा है। तब तक तो फिर भी ठीक था लेकिन, फिर अचानक से चलते-चलते निखिल ने भी बोलना बंद कर दिया। वो ऐसा चल रहा था कि जैसे कोई जिंदा लाश चल रही हो। और अब साफ-साफ सुनाई देने लगा था कि कोई और भी उनके साथ-साथ चल रहा है। तभी एक बहुत बड़े पेड़ के सामने पहुंच कर मामा का दोस्‍त गायब हो गया। तभी मामा ने देखा की उनके सामने पेड़ पर एक औरत बैठी हुई है। वो देखकर तो मामा बहुत ही ज्‍यादा ड़र गए। ड़र के मारे वहीं जम गए और पलक पलक झपकते ही वो औरत पेड़ से उतरकर उनके सामने आकर खड़ी हो गई। और अब उसके हाथ में एक बच्‍चा भी था। लेकिन, उस बच्‍चे का सर नहीं था। ये देखकर मामा वहीं बेहोश हो गए। कुछ टाईम बाद जब मामा को होश आया तो उनका वो दोस्‍त उनके सामने ही खड़ा था। दोस्‍त को अपने सामने देखकर उन्‍होंने पूछा की तुम कहां चले गए थे। मैंने उस पेड़ पर एक औरत को देखा जिसने अपने हाथ में एक बच्‍चा लिया हुआ था। मामा बहुत थके हुए थे और बहुत ड़रे भी हुए थे।hindi horror stories, horror stories in hindi, ghost stories in hindi, ghost stories in india in hindi, daravani kahaniya, hindi daravni kahaniya, indian ghost stories मामा ने उनकी बात को काटते हुए बोला वो सब छोड़ो तुम इतने लंबे सफर से आए तो तुम थक गए होंगे, चलों घर चलते हैं। मामा को पता नहीं क्‍या हो गया था की वो भी उनके साथ ही चल दिए। लेकिन, फिर थोड़ी दूर जाने पर मामा को लगने लगा की कोई उनके साथ चल रहा है। लेकिन, इस बार मामा उस औरत को साफ-साफ देख पा रहे थें। वो निखिल के साथ-साथ ही चल रही थी। उसने अपना पल्‍लू अपने सर पर ड़ाला हुआ था। इसलिए उसका चेहरा ठीक से नहीं दिख रहा था। मामा में अब कुछ बोलने की हिम्‍मत नहीं बची थी। वो बस चुप-चाप चलें जा रहे थें। मन ही मन भगवान को याद कर रहे थे। कुछ दूर जाने पर मामा ने देखा की जो बच्‍चा उस औरत के हाथ में था, वो अब उनके दोस्‍त के कंधे पर बैठा हुआ था। ये देखकर तो उनके दिल ने जैसे धड़कना ही बंद कर दिया था। मामा मन ही मन सोच रहे थे की आज तो बहुत ही बड़ी मुश्‍किल में फंस गया हूं। आज पक्‍का मारा जाऊंगा। हजारो ख्‍याल एक साथ उनके दिमाग में आ रहे थें। वो अपने मरने का इंतजार कर ही रहे थे की उन्‍होंने देखा की जो बच्‍चा उनके दोस्‍त के कंधे पर बैठा था अब उसके हाथ नीचे लटक रहे हैं। इतने लंबे की वो जमीन तक पहुंच रहे थें। मामा ने हिम्‍मत करते हुए ऊपर उसके चेहरे की तरफ देखा तो देखा की उसका सर कटा हुआ नहीं था बल्‍कि वो गर्दन से पीछे की ओर लटका हुआ था। मामा बस बेहोश ही होने वाले थे कि वो चिल्‍लाए निखिल देख तेरे कंधो पर कौन बैठा है। लेकिन, तभी मामा ने देखा की निखिल का तो कोई चेहरा ही नहीं है। मामा उसी वक्‍त वहां से भागे और तब तक भागते रहे जब तक उनको लाईट नहीं दिखाई दी। भागते हुए उनको लग रहा था की कोई उनके साथ भाग रहा है। लेकिन, कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। मामा भागते-भागते एक गांव की तरफ आ गए। कुछ लोगों के पास आकर पहुंच गए। उनके पास पहुंचते ही मामा बेहोश हो गए। सुबह जब आंख खुली तो पता चला की निखिल उसकी वाईफ और उनका दो महीनें का बच्‍चा मर गए है। मामा ने पूछा कैसा तो उन्‍होंने बताया की एक दिन उनका बच्‍चा बहुत बीमार हो गया था। ड़ॉक्‍टर ने बोला की उसको शहर के हॉस्‍पटिल ले जाना पड़ेगा। और वो लोग खेतों के रास्‍ते से जा रहे थें। ताकि जल्‍दी पहुंच जाएं। पर वहां से जाते हुए एक बिजली का खम्‍बां टूटा और बिजली का तार उन पर गिर पड़ा और उन तीनों की वहीं मौत हो गई। hindi horror stories, horror stories in hindi, ghost stories in hindi, ghost stories in india in hindi, daravani kahaniya, hindi daravni kahaniya, indian ghost stories

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